सावधान! MP Board Exam Fraud 10वीं और 12वीं बोर्ड पेपर के नाम पर फ्रॉड – ऐसे बिछा रहे हैं जाल

 MP Board Exam Fraud: मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं (Board Exams) नजदीक आते ही साइबर ठगों (Cyber Thug) ने नए तरीके अपनाते हुए छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. ये फ्रॉड मैसेज, सोशल मीडिया पोस्ट, टेलीग्राम चैनल और फर्जी वेबसाइट्स के जरिए फैलाया जाता है। कई लोग जल्दी अच्छे नंबर लाने के चक्कर में इन जालसाजों के जाल में फंस जाते हैं और अपना बैंक बैलेंस गंवा बैठते हैं।

इस तरह की घटनाएं हर साल परीक्षा सीजन में बढ़ जाती हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।  इसके लिए वे “pepar.apk” नाम की संदिग्ध फाइल भेज रहे हैं, जिसे डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो जाता है और ठग बैंक खातों तक पहुंच बना लेते हैं.



Zee News और NDTV जैसी बड़ी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदौर, ग्वालियर, भोपाल जैसे शहरों में यह फ्रॉड तेजी से फैल रहा है। पुलिस और शिक्षा विभाग ने अलर्ट जारी किया है – भूलकर भी अनजान APK लिंक पर क्लिक न करें!

फ्रॉड कैसे हो रहा है? (Modus Operandi) :  MP Board Exam Fraud 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टेलीग्राम पर ‘MP Board Exam Support', ‘10‑12वीं पेपर' जैसे कई फर्जी ग्रुप बनाए गए हैं जिनमें कथित प्रश्नपत्र वायरल किए जा रहे हैं. छात्रों को भरोसा दिलाने के लिए पेपर होने का दावा किया जाता है, जबकि यह पूरी तरह साइबर फ्रॉड है. 

साइबर ठग मुख्य रूप से WhatsApp, Telegram और Facebook पर सक्रिय हैं। वे निम्न तरीके अपनाते हैं:

  1. फर्जी टेलीग्राम ग्रुप बनाना ग्रुप के नाम:
    • MP Board Exam Support
    • 10-12वीं पेपर
    • MP Board Paper Leak 2026 छात्रों को ग्रुप ज्वाइन करने के लिए लिंक भेजते हैं।
  2. पेपर लीक का झांसा ग्रुप में फर्जी प्रश्नपत्र दिखाते हैं और कहते हैं – "पूर्ण पेपर के लिए pepar.apk डाउनलोड करें।"
  3. APK फाइल भेजना फाइल का नाम अक्सर pepar.apk, MPBoardPaper.apk या ऐसा कुछ होता है। क्लिक करने पर:
    • मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है।
    • ठग रिमोट कंट्रोल ले लेते हैं।
    • बैंक OTP, पासवर्ड, UPI चोरी हो जाता है।
    • डिजिटल अरेस्ट जैसी तकनीक से और पैसे ऐंठते हैं।
  4. नुकसान एक बार हैक होने पर लाखों रुपये की चोरी। कई छात्रों के अभिभावकों के बैंक खाते खाली हो चुके हैं।

छात्र और अभिभावक क्यों फंस जाते हैं?

  • परीक्षा का दबाव और अच्छे अंक लाने की चिंता

  • “लीक पेपर” पर भरोसा कर लेना

  • सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट पर तुरंत विश्वास

  • साइबर सुरक्षा की जानकारी का अभाव


साइबर फ्रॉड से कैसे बचें? (जरूरी टिप्स)

1. अनजान लिंक पर क्लिक न करें

कोई भी APK, ZIP या संदिग्ध लिंक तुरंत डिलीट करें।

2. आधिकारिक वेबसाइट ही देखें

सिर्फ मध्यप्रदेश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या स्कूल नोटिस पर भरोसा करें।

3. बैंक डिटेल साझा न करें

OTP, ATM PIN, UPI PIN या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।

4. सोशल मीडिया चैनलों से सावधान रहें

“100% पेपर गारंटी” जैसे दावे हमेशा फर्जी होते हैं।

5. एंटीवायरस और अपडेटेड मोबाइल रखें

फोन और ऐप्स को अपडेट रखें ताकि मैलवेयर से बचाव हो सके।


अगर फ्रॉड हो जाए तो क्या करें?

  • तुरंत अपने बैंक को सूचित करें

  • साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें

  • राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें

  • सभी स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन डिटेल सुरक्षित रखें


निष्कर्ष

MP बोर्ड परीक्षा के नाम पर फैल रहे साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे अच्छा तरीका है सतर्कता और जागरूकता। कोई भी असली बोर्ड कभी भी पेपर लीक नहीं करता और न ही पैसे मांगता है। छात्रों और अभिभावकों को चाहिए कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और ऑनलाइन किसी भी लालच में न आएं। समझदारी और डिजिटल सुरक्षा ही आपके बैंक अकाउंट और भविष्य दोनों को सुरक्षित रख सकती है।

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